सुकन्या समृद्धि कैलकुलेटर क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) कैलकुलेटर 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए डाकघर/बैंक खाते की परिपक्वता राशि की गणना करता है। योगदान खाता खोलने के बाद 15 साल तक, लेकिन परिपक्वता 21 साल पर होती है। वार्षिक ₹250 से ₹1.5 लाख तक जमा संभव। वर्तमान ब्याज दर 8.2% (FY 2025-26)। EEE कर श्रेणी - सब कुछ कर-मुक्त।
सुकन्या समृद्धि कैलकुलेटर
बेटी के नाम पर 21 साल की परिपक्वता राशि और कुल ब्याज का अनुमान।
इनपुट
इस टूल के बारे में
Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) is a small-savings scheme run by India Post for the girl child. A parent or legal guardian can open one account per girl (max two girls per family) before her 10th birthday. You contribute up to ₹1.5 lakh per girl per year for 15 years; the account compounds for 21 years total at the prevailing rate (8.2% per annum as of FY 2024-25). Interest and maturity are fully tax-free, contribution is eligible for Section 80C[1] - the EEE trifecta.
यह कैसे काम करता है
Step 1
Open the Sukanya Samriddhi Account at any India Post or authorised bank before the girl turns 10.
Step 2
Contribute between ₹250 and ₹1.5 lakh per financial year for up to 15 years (years 1-15).
Step 3
No further deposits between year 16-21; the existing balance keeps compounding at the notified rate.
Step 4
Withdraw 50% after the girl turns 18 (for higher education or marriage). Full closure at maturity in year 21 or earlier on marriage after 18.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वर्तमान SSY ब्याज दर क्या है?
FY 2025-26 के लिए सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर 8.2% प्रति वर्ष है। यह सरकारी छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक है (पीपीएफ 7.1%, NSC 7.7% से ज्यादा)। दर हर तिमाही सरकार द्वारा निर्धारित होती है।
Can NRIs open an SSY account?
No. SSY is for resident Indian girl children only. If the girl becomes NRI after the account is opened, the account is closed at the date of status change and existing balance is paid out.
What if I miss a contribution year?
The account becomes "default". Revive it by paying ₹50 penalty + the minimum ₹250 contribution per year of default. Otherwise the account earns the SSY rate but cannot accept fresh contributions.
Section 80C deduction details?
Contributions count toward the ₹1.5 lakh combined 80C limit (alongside EPF, PPF, ELSS, life-insurance premium, etc.) under the OLD tax regime. New regime FY 2025-26 doesn't allow 80C.
Can I open SSY for two daughters?
Yes - one account per girl child, maximum two accounts per family. Twins or triplets in the second/third pregnancy can have a third account on a single declaration.
टेक-होम सैलरी वास्तव में कैसे कैलकुलेट होती है
"सैलरी" का मतलब चार अलग-अलग नंबर हो सकता है। यह समझना जरूरी है कि आप कौन सा नंबर देख रहे हैं:
| शब्द | मतलब | क्यों जरूरी है |
|---|---|---|
| CTC (कॉस्ट टू कंपनी) | कंपनी आप पर कुल कितना खर्च करती है: सैलरी + PF + ग्रेच्युटी + बीमा + बोनस | ऑफर लेटर में यह नंबर होता है, लेकिन यह कभी आपके अकाउंट में नहीं आता |
| ग्रॉस सैलरी | CTC माइनस एम्प्लॉयर PF, ग्रेच्युटी, बीमा | TDS और इनकम टैक्स इसी पर लगता है |
| नेट सैलरी / इन-हैंड | ग्रॉस माइनस TDS, PF (एम्प्लॉयी शेयर), प्रोफेशनल टैक्स | यही रकम आपके बैंक अकाउंट में आती है |
कटौतियों का क्रम
- EPF (एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड): बेसिक सैलरी का 12% कर्मचारी + 12% नियोक्ता। टैक्सेबल इनकम कम करता है।
- प्रोफेशनल टैक्स: राज्य सरकार द्वारा, ज्यादातर ₹200/महीना (अधिकतम ₹2,500/वर्ष)।
- TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स): नियोक्ता हर महीने आपकी सैलरी से इनकम टैक्स काटता है।
- सेक्शन 80C छूट: PPF, ELSS, LIC, ट्यूशन फीस पर ₹1.5 लाख तक की छूट (पुरानी रिजीम)।
- HRA छूट: किराए पर रहने वालों को HRA पर टैक्स छूट मिलती है (शहर और किराए के अनुसार)।
उदाहरण: ₹12 लाख CTC पर नेट सैलरी
| मद | वार्षिक | मासिक |
|---|---|---|
| CTC | ₹12,00,000 | ₹1,00,000 |
| EPF (कर्मचारी 12%) | ₹21,600 | ₹1,800 |
| TDS (नई रिजीम) | ₹83,200 | ₹6,933 |
| प्रोफेशनल टैक्स | ₹2,400 | ₹200 |
| इन-हैंड सैलरी | ₹8,92,800 | ₹74,400 |
टैक्स बचाने के तरीके
- सेक्शन 80C: PPF, ELSS, सुकन्या समृद्धि, LIC, ट्यूशन फीस पर ₹1.5 लाख तक की छूट।
- सेक्शन 80D: मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर ₹25,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) की छूट।
- HRA छूट: मेट्रो शहरों में बेसिक का 50%, नॉन-मेट्रो में 40%।
- NPS (सेक्शन 80CCD): 80C की ₹1.5 लाख के अलावा अतिरिक्त ₹50,000 की छूट।
- होम लोन (सेक्शन 24): ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट (सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुरानी रिजीम या नई रिजीम, कौन सी बेहतर है?
अगर आपके पास HRA, 80C, 80D जैसी छूट नहीं है, तो नई रिजीम बेहतर है। अगर ₹4-5 लाख से ज्यादा की छूट क्लेम कर सकते हैं, तो पुरानी रिजीम फायदेमंद है।
CTC और इन-हैंड में इतना फर्क क्यों है?
CTC में एम्प्लॉयर PF, ग्रेच्युटी, बीमा, बोनस शामिल होता है जो आपको सीधे नहीं मिलता। असल में इन-हैंड CTC का 65-75% ही होता है।
सैलरी बढ़ने पर टैक्स कितना बढ़ेगा?
यह आपके मार्जिनल टैक्स रेट पर निर्भर करता है। ₹10,00,000 से ₹12,00,000 की बढ़ोतरी पर नई रिजीम में 15% टैक्स लगेगा, यानी ₹30,000 अतिरिक्त टैक्स।
