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वैधानिक बोनस कैलकुलेटर क्या है?

वैधानिक बोनस कैलकुलेटर Payment of Bonus Act 1965 के तहत देय बोनस की गणना करता है। पात्रता: मूल वेतन + डीए ₹21,000/महीना तक, कम से कम 30 दिन सेवा। न्यूनतम बोनस 8.33% (एक महीने का वेतन के बराबर), अधिकतम 20% (~2.4 महीने का वेतन)। गणना: (मूल + डीए) × प्रतिशत × 12 महीने / 12। ₹7,000 या न्यूनतम मजदूरी (जो भी अधिक) पर कैप।

वैधानिक बोनस कैलकुलेटर

Payment of Bonus Act के तहत देय बोनस राशि का अनुमान।

इनपुट

%
months
Eligible: salary ≤ ₹21,000/mo, worked ≥ 30 days. Calc on cap ₹7,000/mo or min wage (whichever higher).

Statutory Bonus

₹0

विश्लेषण

इस टूल के बारे में

The Statutory Bonus Calculator computes the bonus payable per Payment of Bonus Act, 1965. Applicable to employees earning ≤₹21,000/month basic + DA, in factories with 20+ workers and other notified establishments.

यह कैसे काम करता है

  1. Enter monthly basic + DA.
  2. Enter bonus rate (8.33% minimum, 20% maximum).
  3. Enter months worked.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैधानिक बोनस के लिए कौन पात्र है?

Payment of Bonus Act 1965 के तहत: मूल + डीए ₹21,000/महीना तक कमाने वाले कर्मचारी (₹21,000 से अधिक पर पात्रता नहीं), कम से कम 30 दिन काम। 20+ कर्मचारी वाले कारखानों/प्रतिष्ठानों पर लागू। प्रबंधकीय कर्मचारी आम तौर पर बाहर।

How is the calculation cap applied?

Bonus is calculated on the lower of actual basic or ₹7,000/month. So even if you earn ₹20k basic, the bonus is computed on ₹7k (or state minimum wage, whichever higher).

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टेक-होम सैलरी वास्तव में कैसे कैलकुलेट होती है

"सैलरी" का मतलब चार अलग-अलग नंबर हो सकता है। यह समझना जरूरी है कि आप कौन सा नंबर देख रहे हैं:

शब्दमतलबक्यों जरूरी है
CTC (कॉस्ट टू कंपनी)कंपनी आप पर कुल कितना खर्च करती है: सैलरी + PF + ग्रेच्युटी + बीमा + बोनसऑफर लेटर में यह नंबर होता है, लेकिन यह कभी आपके अकाउंट में नहीं आता
ग्रॉस सैलरीCTC माइनस एम्प्लॉयर PF, ग्रेच्युटी, बीमाTDS और इनकम टैक्स इसी पर लगता है
नेट सैलरी / इन-हैंडग्रॉस माइनस TDS, PF (एम्प्लॉयी शेयर), प्रोफेशनल टैक्सयही रकम आपके बैंक अकाउंट में आती है

कटौतियों का क्रम

  1. EPF (एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड): बेसिक सैलरी का 12% कर्मचारी + 12% नियोक्ता। टैक्सेबल इनकम कम करता है।
  2. प्रोफेशनल टैक्स: राज्य सरकार द्वारा, ज्यादातर ₹200/महीना (अधिकतम ₹2,500/वर्ष)।
  3. TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स): नियोक्ता हर महीने आपकी सैलरी से इनकम टैक्स काटता है।
  4. सेक्शन 80C छूट: PPF, ELSS, LIC, ट्यूशन फीस पर ₹1.5 लाख तक की छूट (पुरानी रिजीम)।
  5. HRA छूट: किराए पर रहने वालों को HRA पर टैक्स छूट मिलती है (शहर और किराए के अनुसार)।

उदाहरण: ₹12 लाख CTC पर नेट सैलरी

मदवार्षिकमासिक
CTC₹12,00,000₹1,00,000
EPF (कर्मचारी 12%)₹21,600₹1,800
TDS (नई रिजीम)₹83,200₹6,933
प्रोफेशनल टैक्स₹2,400₹200
इन-हैंड सैलरी₹8,92,800₹74,400

टैक्स बचाने के तरीके

  • सेक्शन 80C: PPF, ELSS, सुकन्या समृद्धि, LIC, ट्यूशन फीस पर ₹1.5 लाख तक की छूट।
  • सेक्शन 80D: मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर ₹25,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) की छूट।
  • HRA छूट: मेट्रो शहरों में बेसिक का 50%, नॉन-मेट्रो में 40%।
  • NPS (सेक्शन 80CCD): 80C की ₹1.5 लाख के अलावा अतिरिक्त ₹50,000 की छूट।
  • होम लोन (सेक्शन 24): ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट (सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरानी रिजीम या नई रिजीम, कौन सी बेहतर है?

अगर आपके पास HRA, 80C, 80D जैसी छूट नहीं है, तो नई रिजीम बेहतर है। अगर ₹4-5 लाख से ज्यादा की छूट क्लेम कर सकते हैं, तो पुरानी रिजीम फायदेमंद है।

CTC और इन-हैंड में इतना फर्क क्यों है?

CTC में एम्प्लॉयर PF, ग्रेच्युटी, बीमा, बोनस शामिल होता है जो आपको सीधे नहीं मिलता। असल में इन-हैंड CTC का 65-75% ही होता है।

सैलरी बढ़ने पर टैक्स कितना बढ़ेगा?

यह आपके मार्जिनल टैक्स रेट पर निर्भर करता है। ₹10,00,000 से ₹12,00,000 की बढ़ोतरी पर नई रिजीम में 15% टैक्स लगेगा, यानी ₹30,000 अतिरिक्त टैक्स।

IT
भारत टूल संपादकीय
भारत टूल टीम द्वारा अनुरक्षित कैलकुलेटर और व्याख्यान। FY 2025-26 के लिए अद्यतन।